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Rolls Royce से कचरा उठाने की बात तो आपने भी सुनी होगी, आज जानिये क्या था पूरा मामला

Rolls Royce एक ब्रिटिश लग्ज़री कार निर्माता कंपनी है, जिसकी शुरुआत वर्ष 1884 मे Henry Royce द्वारा की गई थी। रोल्स रॉयस ने 1904 मे अपनी पहली कार लॉन्च की थी। कम्पनी की शुरुआत से लेकर अब तक यह लग्ज़री प्रीमियम कारों का निर्माण करती आ रही है। कीमत बहुत ज्यादा होने की वजह से हर कोई Rolls Royce की कार को खरीद नहीं सकता है। लेकिन आज हम आपको Rolls Royce से जुड़े वाक्या बताने जा रहे हैं, जो आपने शायद ही सुना हो।

सन 1920 की है यह घटना –

बात सन 1920 की है, आजादी से पहले अलवर के महाराजा जयसिंह जी अपने किसी काम से लंदन गए थे। काम समाप्त होने के बाद महाराजा आम नागरिक की तरह लंदन की सड़कों पर टहल रहे थे। तभी उनकी दृष्टि Rolls Royce के शोरूम पर पड़ी। तभी मन ही मन में जयसिंह जी को गाड़ी खरीदने का विचार आया, खरीदारी के लिए वे शोरूम की ओर कदम बढ़ाने लगे।

शोरूम मे हुआ अपमान –

महाराजा आम नागरिक की वेषभूषा मे शोरूम मे दाखिल हुए। सेल्समैन ने जब उन्हें देखा तो, उसे लगा कि यह कोई आम नागरिक है और शोरूम मे समय बिताने के लिए आया है। जयसिंह जी कुछ बोलते उससे पहले ही सेल्समैन ने उनका अपमान करके शोरूम से बाहर निकाल दिया। शोरूम से निकल कर महाराज सीधे अपने होटल पहुंचे।

दूत के साथ भेजा संदेश –

होटल मे पधार कर महाराजा ने दूत के माध्यम से रोल्स रॉयस के शोरूम संदेश भिजवाया कि कुछ ही समय में महाराज खरीदारी के लिए शोरूम मे पधार रहे हैं। यह संदेश सुनते ही रोल्स रॉयस के सभी कर्मचारी महाराजा के स्वागत के लिए तैयारी करने लगे। जयसिंह ने शोरूम मे कदम रखते ही उसी सेल्समैन को बुलाया जिसने उनकी बेज्जती की थी। जब सेल्समैन को उसकी गलती का एहसास हुआ तो, उसने महाराजा से माफ़ी भी मांगी।

गुस्से में बुक करी सारी कारे –

अपमान की वजह से क्रोधित महाराजा ने शोरूम मे उपलब्ध सभी कारो का हाथोंहाथ ऑर्डर दे दिया और उसी सेल्समैन से अलवर मे डिलेवरी का आदेश भी दिया। जब वह सेल्समैन कारों की डिलेवरी के लिए अलवर पहुंचा तो, महाराजा का साम्राज्य देख उसके पैरों तले जमीन खिसक गई। उसी सेल्समैन के सम्मुख जयसिंह जी ने सातो रॉल्स रॉयस को सफाई के काम के लिए सफाई कर्मचारियों के हवाले कर दिया।

कम्पनी ने मांगी माफ़ी –

यह घटना आग की तरह पूरी दुनिया में फैल गई और इसकी वजह से Rolls Royce की ब्रांड वैल्यू को आहत पहुची। इसके बाद कम्पनी ने महाराजा से टेलीग्राम के माध्यम से माफ़ी मांगी और उपहार स्वरूप 7 रॉल्स रॉयस कारे भी भेंट की। फिर जा कर महाराजा का गुस्सा शांत हुआ और उन्होंने रॉल्स रॉयस से कचरा उठवाना बंद किया।

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